
cu 2cu
Thursday, October 22, 2009
Saturday, July 18, 2009
चलो इस मौसम में
चलो इस मौसम में
बादलों को छूने चलें हम
ठंडी हवा के तेज़ झोंको में
कटी पतंग से उड़ने चले हम
यूँ तो हम तुम में हैं फांसले बहुत
चलो आँखें बंद करो
यूही कही दूर निकल चलें हम
बादलों को छूने चलें हम
ठंडी हवा के तेज़ झोंको में
कटी पतंग से उड़ने चले हम
यूँ तो हम तुम में हैं फांसले बहुत
चलो आँखें बंद करो
यूही कही दूर निकल चलें हम
Friday, June 19, 2009
गुजरते वक़्त की निगाहों से
गुजरते वक़्त के
हर पल की निगाहों से
मेने तुम्हे अनवरत परिवर्तनों के बीच
हमेशा महसूस किया है
में चाहता हूँ
तुम्हे अपने रंगों में ढालू
तुम्हारी तस्वीर को
में अपने रंगों से ढालना चाहूँगा
अगर तुम
वक़्त को पीछे धकेल कर
मेरे रंगों को समझ सको
हर चीज़ को
मैंने अपने रंगों मैं ढाला हैं
चाँद, तारे, फूल सभी कुछ
मगर
इक तस्वीर अभी भी अधूरी है
बिना उस रंग के
जिसे वक़्त ने धुंधला कर दिया है
इसलिए
तुम्हे वक़्त को धकेलना होगा
बहुत पीछे
इतना... जितना मैंने महसूस किया है
तुम्हारे बिना,
वहां तक जहाँ तक
हमने तुमने मिलकर
कुछ नए रंग बनाये थे
अपनी तस्वीर के..
हर पल की निगाहों से
मेने तुम्हे अनवरत परिवर्तनों के बीच
हमेशा महसूस किया है
में चाहता हूँ
तुम्हे अपने रंगों में ढालू
तुम्हारी तस्वीर को
में अपने रंगों से ढालना चाहूँगा
अगर तुम
वक़्त को पीछे धकेल कर
मेरे रंगों को समझ सको
हर चीज़ को
मैंने अपने रंगों मैं ढाला हैं
चाँद, तारे, फूल सभी कुछ
मगर
इक तस्वीर अभी भी अधूरी है
बिना उस रंग के
जिसे वक़्त ने धुंधला कर दिया है
इसलिए
तुम्हे वक़्त को धकेलना होगा
बहुत पीछे
इतना... जितना मैंने महसूस किया है
तुम्हारे बिना,
वहां तक जहाँ तक
हमने तुमने मिलकर
कुछ नए रंग बनाये थे
अपनी तस्वीर के..
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